तुलसी (Holy Basil)
तुलसी भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग है। इसे पर्याप्त धूप (कम से कम 4-6 घंटे) और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी की आवश्यकता होती है। पानी तभी दें जब ऊपरी मिट्टी सूखी लगे। अतिरिक्त जलभराव से जड़ें सड़ सकती हैं।
कम जगह में पौधे उगाने, रोशनी समझने, पानी देने और मौसम के अनुसार देखभाल करने की व्यावहारिक मार्गदर्शिका। अपने भारतीय घर में एक छोटा सा हरा कोना बनाएँ।
भारत के आधुनिक शहरी अपार्टमेंट्स में बड़ी जगह मिलना मुश्किल होता है। लेकिन बालकनी की ग्रिल, रसोई की खिड़की, या कमरे का एक खाली कोना भी पौधों के लिए उपयुक्त हो सकता है। वर्टिकल गार्डन (ऊर्ध्वाधर बगीचे) और हैंगिंग प्लांटर्स (लटकने वाले गमले) कम जगह में अधिक हरियाली जोड़ने के बेहतरीन तरीके हैं।
पौधे घर की सजावट बढ़ाते हैं और एक सकारात्मक वातावरण बनाते हैं। ध्यान दें: पौधों से घर सुंदर लगता है, लेकिन उन्हें किसी भी प्रकार की बीमारी के घरेलू नुस्खे के रूप में प्रयोग नहीं करना चाहिए।
तुलसी भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग है। इसे पर्याप्त धूप (कम से कम 4-6 घंटे) और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी की आवश्यकता होती है। पानी तभी दें जब ऊपरी मिट्टी सूखी लगे। अतिरिक्त जलभराव से जड़ें सड़ सकती हैं।
यह पौधा बहुत ही कम देखभाल मांगता है। यह कम रोशनी वाले कमरों या कोनों में आसानी से उग जाता है। आप इसे पानी की बोतल या मिट्टी दोनों में उगा सकते हैं। इसकी लंबी बेलें बालकनी या खिड़की को बहुत सुंदर बनाती हैं।
सर्दियों और त्योहारों के दौरान गेंदे के चमकीले पीले और नारंगी फूल बहुत आम हैं। इन्हें खुली छत या बालकनी में सीधी धूप की आवश्यकता होती है। समय-समय पर सूखे फूलों (Deadheading) को हटाते रहने से नए फूल जल्दी आते हैं.
यह एक अत्यंत सहनशील पौधा है जिसे बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है। इसकी लंबी, तलवार जैसी पत्तियां घर के अंदर एक आधुनिक रूप देती हैं। यह पौधा उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो पहली बार बागवानी कर रहे हैं।
जिम्मेदार सूचना: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी पौधों, बागवानी, रोज़मर्रा की आदतों और सामान्य दृश्य आराम के बारे में शैक्षिक उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। पौधों को देखना, हरियाली के बीच समय बिताना या बागवानी करना मायोपिया, दृष्टिवैषम्य, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा या अन्य नेत्र रोगों का उपचार नहीं है। इन गतिविधियों से चश्मे का नंबर कम होने या दृष्टि में स्थायी सुधार की गारंटी नहीं मिलती। आँखों में दर्द, अचानक दृष्टि परिवर्तन या लगातार परेशानी होने पर योग्य नेत्र विशेषज्ञ (Ophthalmologist) से सलाह लें।